hydrocele ka ilaj in hindi
Hydrocele

hydrocele ka ilaj in Hindi

Janiye hydrocele ka allopathic, Ayurvedic aur Homoeopathic ilaj in Hindi. Aur Hydrocele k ilaj k baad kya savdhaniyan rakhe, surgery kis prakar hoti hai aur surgery se pehle kya savdhaniyan baratni chahiyen, aur bhi bahut kuch.

Hydrocele ki dawa kab tak len aur kab surgery karayen?

hydrocele ka ilaj

अगर आप के hydrocele का आकार छोटा है और आप को कोई ज्यादा परेशानी नहीं दे रहा तो भइया ज्यादा घबराने की ज़रूरत नहीं है। हो सकता है आप को सर्जरी की ज़रूरत पड़े ही ना। ज्यादातर मामलों में hydrocele 6 महीने के अंदर अपने आप ठीक हो जाता है।

पर अगर hydrocele ज्यादा बड़ा हो गया है , उसमें काफी दर्द हो रहा है और  उसके बड़े होने की वजह से scrotum में भारीपन सा महसूस हो रहा है तो सर्जरी कराना ही सबसे बढियाँ विकल्प है।

hydrocele ka ilaj kaise hota hai?

Hydrocele ka ilaj karne के लिए डॉक्टर तीन प्रकार के तरीकों का इस्तेमाल कर सकतें है-

  1. Surgery
  2. Needle aspiration( सुई से तरल निकलना )
  3. Sclerotherapy

Hydrocele ka ilaj Surgery se / hydrocele ka operation

Surgery के लिए क्या तैयारियाँ होती हैं?

ज्यादातर लोग सर्जरी का नाम सुन के ही घबरा जाते है, पर यकीन मानिए hydrocele की surgery में इतनी कोई घबराने वाली बात नहीं है।  सर्जरी से पहले आप का ब्लड और यूरीन (मूत्र) टेस्ट किया जाएगा, और डॉक्टर या नर्स आप को सर्जरी के procedure के बारे में पूरी जानकारी देंगे। 

और हाँ आप भी ये ध्यान रखें की आप डॉक्टर को जो भी पहले से दवाएँ, या किसी भी तरह हेल्थ सप्पलीमेंट ले रहे हों तो बता दें, क्योंकि कुछ दवाएँ आप के ब्लड की clot होने की क्षमता पर असर डाल सकतीं हैं जिससे surgery के समय बहुत ज्यादा खून बहने से complications भी हो सकतीं है। अगर आप को किसी दवा से allergy है तो वो भी डॉक्टर को जरूर बता दें।

और सर्जरी से 6-7 घंटे पहले से कुछ न खाए, अगर कुछ गलती से खा भी लिया है तो डॉक्टर को सर्जरी से पहले जरूर बता दें।

सर्जरी

Apollo hospital के एक लेख के अनुसार बच्चों में आमतौर पर hydrocele एक साल में अपनेआप ही ठीक हो जाता है। अगर बच्चो में hydrocele 12 से 24 की उम्र तक ठीक नही हुआ तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह देते हैं। वहीं बड़ों में अगर hydrocele 6 माह के अंदर अपने आप ठीक नहीं हुआ तो सर्जरी करनी पड़ती है।

सर्जरी में डॉक्टर आपरेशन वाले हिस्से पे एनेस्थीसिया लगाकर उससे सुन्न कर देता है, फिर वह एक चीरा लगाकर hydrocele fluid  को निकाल देता है, डॉक्टर आपके अंडकोश में एक छोटी ट्यूब स्थापित कर सकते हैं ताकी hydrocele fluid (तरल पदार्थ ) बाहर निकलता रहे और फिर इकट्ठा न हो। इस ट्यूब को भी बाद में निकाल दिया जाता है।  

सर्जरी की प्रक्रिया से होसकने वाले दुष्प्रभावों में शामिल हैं-

  1. संक्रमण का खतरा।
  2. अंडकोष की थैली में चोट लगजाना, या किसी नस में क्षति हो जाना।
hydrocele ka ilaj

Needle aspiration

इस प्रक्रिया में डॉक्टर आप के अंडकोष की थैली में एक सुई डाल ल कर उसमें मौजूद तरल को निकलता है। कुछ मामलों में डॉक्टर उसमे दावा भी डाल सकता है ,ताकि थैली में दोबारा तरल न भर जाए।

आम तौर पर needle aspiration उन मरीजों में कई जाती है जिनमे सर्जरी के दौरान complication होने की ज्यादा संभावना होती है।

इस उपचार के दुष्प्रभावों ( side effects) में शामिल है –

  1. अंडकोष की थैली में अस्थाई दर्द।
  2. संक्रमण का खतरा।

Sclerotherapy

Sclerotherepy भी इलाज का एक विकल्प है। sclerotherapy में सर्जरी से कम चीरा- फड़ी होती है, और इसका रिकवरी टाइम भी भी कम होता है। इसमें अलग- अलग तरह की दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है ,जैसे- doxycycline, tetracycline, antazoline, इत्यादि। और हर दावा की अलग-अलग सफलता दर होती है।

hydrocele operation ke baad savdhaniya

अपनी सर्जरी के बाद आप क्या खा और पी सकते हैं?

आप सर्जरी के बाद वापस जाके सामान्य रूप से जो खातें है वो सब खा सकतें हैं। यदि आप मतली (nausea )महसूस कर रहे हैं या आपको उल्टी हो रही है, तो आप Gravol जैसी मतली-रोधी दवा ले सकते हैं। आप इसे अपने से खरीद सकते हैं पर्चे के बिना किसी दवा की दुकान से।बोतल पर लिखे निर्देशों का पालन करें और जब तक मतली नहीं जाती तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। फिर धीरे-धीरे वही खाएं जो आप आमतौर पर खाते हैं।

सर्जरी के बाद कितनी शारीरिक गतिविधियाँ सुरक्षित रहेगा ?

आप अपनी अधिकांश सामान्य गतिविधियों को कर सकतें हैं।

पर आपकी सर्जरी के बाद पहले 6 हफ्तों तक:

  • कोई भारी सामन न उठाएं: 5 किलो से ज्यादा भारी कोई वस्तु न उठाएं।।उदाहरण के लिए:  किराने का सामान, या छोटे बच्चों या पालतू जानवरों को ना उठाएँ।
  • कोई ज़ोरदार अभ्यास(strenous exercise) नहीं करें। उदाहरण के लिए: कोई बागवानी नहीं,जॉगिंग, गोल्फ या स्कीइंग कुछ भी नहीं।
  • 6 सप्ताह तक तैरना या भागना नहीं है ।
  • जब आप शौचालय मल त्याग कर रहे हों तो जोर न लगाएं ।

स्नान कब कर सकते हैं?

  • सर्जरी के बाद 48 घंटे तक नहाना बिल्कुल मना है। 48 घंटे बाद जब भी नहाना हो तो ध्यान रखें की सर्जरी वाला हिस्सा गीला न हो और उस हिस्से की सफाई कर के आप अपनी पट्टी बदलना भी न भूलें।
  • आप अपनी सर्जरी के 3 या 4 सप्ताह बाद सामान्य रूप से नहाना शुरू कर सकते हैं।

सर्जरी के बाद अपने घाव की देखभाल कैसे करें?

  • आप दो दिन बाद पट्टी को निकाल के उसे बदल सकते हैं।
  • हमेशा साफ अंडरगारमेंट्स पहने ताकी घाव हमेशा साफ रहे और उसमें इन्फेक्शन का खतरा न हो।
  • चीरे पर लगे स्टिचेस अपने आप गिर जाते है।
  • करीब 1 हफ्ते तक scrotal support पहने।

पट्टी कैसे बदले?

वैसे तो मैं नीचे सारे setps लिख दे रहा हूँ पर अच्छा ये होगा कि आप सर्जरी के बाद ही डॉक्टर या नर्स से पूछ लें कि पट्टी को कैसे बदलना है। जब आप एक बार देख लेंगे की पट्टी कैसे लगाई जाती है तो पट्टी बदलना ज्यादा आसान होगा।

  1. सबसे पहले अपने हाँथों को अच्छी तरह से धो लें।
  2. Drain tube से कोई छेड़ छाड़ किये बिना पट्टी को सावधानी से निकालें (इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है की drain tube उसके साथ न निकल आए)।
  3. फिर चीरे के ऊपर नई पट्टी रख के उसे डॉक्टर टेप से चिपका दें।

Ayurved main hydrocele ka ilaj

आयुर्वेद के अनुसार hydrocele वात दोष और कफ दोष में असंतुलन के कारण होता है। अब भईया आप आयुर्वेद का ज्ञान रखते होंगे तो इन दोषों के बारे में जानते होंगे, अगर नहीं जानते तो कोई बात नहीं चलिए इसका भी थोड़ा ज्ञान ले लेते हैं।

hydrocele ki ayurvedic dawa
hydrocele ki ayurvedic dawa

वात दोष “वायु” और “आकाश” इन दो तत्वों से मिलकर बना है। वात या वायु दोष को तीनों दोषों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता  है। हमारे शरीर में गति से जुड़ी कोई भी प्रक्रिया वात के कारण ही संभव होती है। चरक संहिता में वायु को ही पाचक अग्नि बढ़ाने वाला, सभी इन्द्रियों का प्रेरक और उत्साह का केंद्र माना गया है। वात का मुख्य स्थान पेट और आंत में है। वात में एक और खास गुण होता है, ये जब अन्य दोषों के साथ मिलता है तो उनके गुणों को भी धारण कर लेता है।

कफ दोष, ‘पृथ्वी’ और ‘जल’ इन दो तत्वों से मिलकर बना है। ‘पृथ्वी’ के कारण कफ दोष में स्थिरता और भारीपन और ‘जल’ के कारण तैलीय और चिकनाई वाले गुण होते हैं। 

hydrocele ki ayurvedic dawa

1. Chandraprabha Vati

Chandraprabha Vati को वात दोष को ठीक करने के लिए दिया जाता है, और यह सूजन को कम करने में मदद करती है।

2. Vridhivadhika Vati

Vridhivadhika vati hydrocele में दी जाने वाली सबसे असरदायक दावा है। इसे intestinal hernia में भी दिया जाता है।एक लेख के अनुसार 375 से 750 mg vridhivadhika vati लेने की सलाह दी जाती है। इसे ज्यादा लेने से आप को चक्कर,जलन,बेचैनी जैसे दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है।

3. Arogyavardhini Vati

अगर hydrocele के साथ पेट से संबंधी कोई समस्या है तो इस दवा की ज़रूरत पड़ती है। ये पेट में दर्द, गैस, और पेट में भारीपन जैसी समस्याओं से मुक्ति दिलाती है।

4. Haritaki (Terminalia Chebula)

Haritaki के फल को रेंड़ी (castor ) के तेल में पका लें। फिर उसके बीज निकालें, कुचलें और 250mg सैंधव लवण में मिलाएँ। इसे हर दिन सुबह खलिपेट खाएँ।ये वात और कफ दोष को ठीक करने में मददगार होता है जो hydrocele का आकार काम करने में मदद करता है।

hydrocele ka homeopathic ilaj

Allopath की तरह ही होमियोपैथी में भी hydrocele में होने वाले  दर्द और सूजन को कम करने के लिए कई दवाएँ मौज़ूद हैं।  अगर आप का hydrocele बहुत ज्यादा बड़ा नहीं है, और सर्जरी की जरूरत नहीं है  तो आप अलोपैथ की जगह आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक दवाएँ भी ले सकते हैं ।मेरा सुझाव है की कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से जरूर पूछ लें। पर आप की जानकारी के लिए मैं नीचे hydrocele में इस्तेमाल किये जाने वाली होम्योपैथिक दवाओं के नाम और काम दोनों लिख दे रहा हूँ। 

hydrocele ki homeopathic dawa

  • Conium
  • Arnica
  • Berberis Vulgaris
  • Nux Vomica
  • Clematis
  • Rhododendron
  • Pulsatilla
hydrocele ki homeopathic dawa
hydrocele ki homeopathic dawa

1. Conium

Conium  हाइड्रोसील के लिए सबसे व्यापक रूप से दी जाने वाली होम्योपैथिक दवाओं में से एक है। ये अंडकोष में किसी चोट या आघात के कारण होने वाले hydrocele में काफी असरदायक होती हैं। Conium  hydroclele में होने वाले तीखे दर्द को कम करने में मदद करता है। हाइड्रोकेल के उपचार के लिए 30c potency की Conium आमतौर पर प्रभावी होती है।

2. Arnica

Arnica एक और लोकप्रिय होम्योपैथिक दावा है जो hydrocele में दी जाती है। इसको ज्यादातर लेप के रूप में लगाया जाता है पर इसकी oral मेडिसिन भी बाजार में उपलब्ध है। ये अंडकोष(scrotum) में होने वाले दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है।

3. Berberis Vulgaris

ये होमियोपैथी में इस्तेमाल की जाने वाली एक महत्वपूर्ण दवा है। इसे कई बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है जिन में hydrocele भी शामिल है। ये hydrocele में दर्द कम करने के लिए काफी असरदायक दवा है। 30 c potency की berberis vulgaris को hydrocele के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

4. Nux Vomica

इसमे anti inflamatory properties होती है इस लिए ये दर्द और सूजन को दूर करने में मदद करता है।

5. Clematis

Clematis एक और दवा है जो दर्द कम करने में मदद करती है। वैसे तो खाली  दाहिनी ओर hydrocele का होना काफी दुर्लभ होता है, पर अगर आप को है तो ये दवा आप के लिए सबसे असरदायक होम्योपैथिक दवा है।

6. Rhododendron

ये दवा congenital hydrocele और left-sided(बायीं ओर) hydrocele में दी जाने वाली सबसे असरदायक दवा है।

7. Pulsatilla

Pulsatilla सबसे ज्यादा असरदार congenital hydrocele में होती है। ये scrotum में होने वाली जलन, दर्द और सूजन को काम करने में मदद करती है।

Resources 

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