Kya lahsun se hydrocele ka ilaj ho sakta hai
Hydrocele

Kya lahsun se hydrocele ka ilaj ho sakta hai

Kya lahsun se hydrocele ka ilaj ho sakta hai

हो सकता है कि आप ने कहीं किसी पड़ोसी से, किसी बाबा या ओझा से, या गांव और मोहोल्ले में किसी व्यक्ती से सुना हो कि -भैया hydrocele pe lahsun का लेप लगाओ तो hydrocele ठीक हो जाएगा। या ये सुना होगा कि – चाचा lahsun को कुछ और जड़ीबूटियों के साथ मिलाकर खाओ उससे hydrocele ठीक हो जाएगा, हमारे दिल्ली वाले दोस्त को भी था उसने एक हफ्ते तक खाया और एक हफ्ते बाद hydrocele का नामोनिशान गायब।

या फिर कुछ और किसी और रूप में सुना होगा। परंतु इन सब दावों में कितनी सच्चाई है। क्या ऐसा आयुर्वेद की किताबों में लिखा है? क्या सच मे lahsun se hydrocele ka ilaj ho sakta hai? चलिए जानते है सच क्या है।

ये सब हवाई बातें है, किसी भी आयुर्वेद की किताब में इस बात का ज़िक्र नहीं है। और न ही कोई ऐसा शोध अबतक हुआ है जिससे ऐसे किसी दावे को सहारा दिया जा सके। 

एक शोध में, ओडिशा में 27 अलग- अलग आदिवासियो के समूहों द्वारा hydrocele के इलाज के लिए इस्तेमाल किये जाने वाली पौधों की 15 प्रजातियों के बारे में पता लगाया गया, जिनमे से कोई भी लहसुन की प्रजाति नही है। अगर आप उन पौधों के बारे में जानना चाहते है तो मैंने उनके नाम एक table में नीचे दिये है।

अगर आप उस शोध को पढ़ना चाहते है तो लिंक पर क्लिक करें- Traditional phytotherapy for the treatment of hydrocele in Odisha, India

तो आप सब से ये निवेदन है कि आप को अगर hydrocele की समस्या है तो ऐसे किसी बहकावे में न आए और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे।

ओडिशा में आदिवासियो द्वारा hydrocele के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली पौधों की प्रजातियाँ-

पौधों का वैज्ञानिक नामपौधों का क्षेत्रीय नाम
Aerva lanata (L.) Juss. (Amaranthaceae)Lupungada, Chawaldawa, Chawaldhuwagachh, Chaldoa
Amorphophallus paeoniifolius (Dennst.) Nicolson (Araceae)Oal, Suran, Godugaadi, Ulo, Brahmani-jhantiya, Baghri
Calotropis procera (Aiton) Dryand. (Asclepiadaceae)Arakh, Sweto-arkho, Araka, Atang, Arak-gachh
Cheilocostusspeciosus (J.König) C. Specht Syn. Costusspeciosus (Koenig ex Retz.) Sm. (Costaceae)Urupkutu, Keo, Gaigendaida, Kewu, Kou, Koukouka, Keu konda
Curculigo orchioides Gaertn. (Hypoxidaceae)Talmuli
Dendrocalamus strictus Bans, Baunsa
Gloriosa superba L.BandriyaPhool, Nahnugudia, Islagudia, Orgabaha, Kalihari, Agnishika, Jhagdayee, Lohlangudiya, Endkera -gachho, Lahlangia, Lagulagudia, Nauriya, Andkira, Korali-konda
Grewia hirsuta Vahl Duralabha, Dulabha, Kukur-Bijda, Sunaro-garh, Sundarigarh, Kukuranda
Mimosa himalayana Gamble Kundrujanum, Kirkichikanta, Kirkinchi
Paspalum scrobiculatum L. Kakudiya
Passiflora foetida L. Sikakai
Plumbago indica L. Syn. P. rosea L.Nalchittaparo, Raktachittaparo, Chiraita, Lorjonka
Schrebera swietenioides Roxb. Eksira
Tamarindus indica L. Imlio, Tentuli, Tetudi, Imli, Tetel, Jojo
Typhonium trilobatum Schott Eksira
Kya lahsun se hydrocele ka ilaj ho sakta hai

hydrocele ka ilaj kese hota hai

Hydrocele ka ilaj karne के लिए डॉक्टर तीन प्रकार के तरीकों का इस्तेमाल कर सकतें है-

  1. Surgery
  2. Needle aspiration( सुई से तरल निकलना )
  3. Sclerotherapy

Surgery

Apollo hospital के एक लेख के अनुसार बच्चों में आमतौर पर hydrocele एक साल में अपनेआप ही ठीक हो जाता है। अगर बच्चो में hydrocele 12 से 24 की उम्र तक ठीक नही हुआ तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह देते हैं। वहीं बड़ों में अगर hydrocele 6 माह के अंदर अपने आप ठीक नहीं हुआ तो सर्जरी करनी पड़ती है।

सर्जरी में डॉक्टर आपरेशन वाले हिस्से पे एनेस्थीसिया लगाकर उससे सुन्न कर देता है, फिर वह एक चीरा लगाकर hydrocele को निकाल देता है।

सर्जरी की प्रक्रिया से होसकने वाले दुष्प्रभावों में शामिल हैं-

  1. संक्रमण का खतरा।
  2. अंडकोष की थैली में चोट लगजाना, या किसी नस में क्षति हो जाना।

Needle aspiration

इस प्रक्रिया में डॉक्टर आप के अंडकोष की थैली में एक सुई डाल ल कर उसमें मौजूद तरल को निकलता है। कुछ मामलों में डॉक्टर उसमे दावा भी डाल सकता है ,ताकि थैली में दोबारा तरल न भर जाए।

आम तौर पर needle aspiration उन मरीजों में कई जाती है जिनमे सर्जरी के दौरान complication होने की ज्यादा संभावना होती है।

इस उपचार के दुष्प्रभावों ( side effects) में शामिल है –

  1. अंडकोष की थैली में अस्थाई दर्द।
  2. संक्रमण का खतरा।

Sclerotherapy

Sclerotherepy भी इलाज का एक विकल्प है। sclerotherapy में सर्जरी से कम चीरा- फड़ी होती है, और इसका रिकवरी टाइम भी भी कम होता है। इसमें अलग- अलग तरह की दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है ,जैसे- doxycycline, tetracycline, antazoline, इत्यादि। और हर दावा की अलग-अलग सफलता दर होती है।

Hydrocele के बारे में और जाने-

Reference:

Medicinal plants and formulations used by the Soren clan of the Santal Tribe in Rajshahi district, Bangladesh for treatment of various ailments

Traditional phytotherapy for the treatment of hydrocele in Odisha, India

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *