क्या fissure ठीक हो सकता है?
Anal Fissure

kya fissure thik ho sakta hai?

Anal fissure kya hai, aur kya fissure thik ho sakta hai?Fissure के मरीजों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? In sab sawalon ka javaab jane is lekh me.

क्या fissure ठीक हो सकता है?

जैसा चाकू या किसी और तीव्र वस्तु से स्किन ( त्वचा) पे घाव बन जाता है वैसा ही एक घाव है एनल( मलद्वार) fissure। और किसी और घाव की तरह ही ये भी ज्यादातर लोगों में अपने आप शरीर की घाव भरने की प्रक्रिया से ठीक हो जाता है।

Fissure अपने आप ठीक होगा या उसके लिए सर्जरी या किसी और तरह के उपचार की ज़रूरत पड़ेगी, ये बात निर्भर करती है कि Fissure किस प्रकार का है। ज्यादातर acute fissure अपने आप ठीक हो जाते है पर chronic fissure के लिए सर्जरी या अन्य उपचारों की ज़रूरत पड़ती है।

चलिए जानते हैं ऐसा क्यों-

जब भी हमे कहीं कोई चोट लगती है, जैसे हाँथ की हड्डी टूट गयी या कही त्वचा काट गयी, तो हम सबसे पहले उस हिस्से के इस्तेमाल में कमी लातें है और जहां तक हो सके वहा तक उसको स्थिर रखने की कोशिश करते हैं। स्थिर रहने से शरीर को उस घाव को भरने में आसानी होती है।

मगर ऐनल fissure के मामले में ये चोट मलद्वार पे होती है। मल त्याग की प्रक्रिया के कारण उस घाव पे दबाव  (pressure) पड़ता है और वहाँ स्थिरता नही रह पाती जिसके कारण घाव भरने की प्रक्रिया में रुकावट आती है।

तो जो छोटे घाव है(acute fissure) उनके अपने आप ठीक होने की संभावना ज्यादा होती है, परंतु जो बड़े घाव है (chronic fissure) उनके अपने आप ठीक होने की संभावना बहुत कम होती है। जो घाव अपने आप ठीक नही होते फिर उन के लिए सर्जरी का इस्तेमाल करना पड़ता है।

घाव के अपने आप सही हो जाने का अर्थ ये नही है कि आप को कुछ करना नही पड़ेगा और घाव भर जाएगा। आप को भी कुछ सावधानियां बरतनी पड़ेंगी वार्ना acute fissure बदल जायेगा chronic में और आप की परेशानियों को और बढ़ा देगा।

Fissure के मरीजों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

Fissure को ठीक करने के लिए आप निम्न लिखित घरेलू उपायों को अपना सकते है। ये उपाय आप को इस रोग से होने वाले लक्षणों से राहत देंगे और हीलिंग प्रोसेस( घाव भरने की प्रक्रिया) को तेज करेंगे।

1- अपने आप को हाइड्रेटेड रखें, यानी पानी खूब पियें ।

2- फाइबर युक्त भोजन का सेवन करें- constipation से बचने के लिए 20 से 35 ग्राम फाइबर  का सेवन हर दिन करें।

खाने में फाइबर की मात्रा बढ़ाने के लिए निम्नलिखित उत्पादों का सेवन बढ़ाएं: गेंहू, बाजरा, दलिया, सबूत अनाज, मटर, सेम, इत्यादि।

3- फाइबर suppliments का उपयोग करें- अगर भोजन से ज्यादा फाइबर नही मिल पा रहा है तो बाजार में आने वाले फाइबर suppliments  की सहायता लें।

4- लक्सटिवे का उपयोग- लक्सटिवे का उपयोग माल को ढीला और मुलायम करने के लिए किया जाता है, इसके उपयोग से माल त्यागने में दिक्कत काम होती है।

5- मल त्यागते समय ज्यादा pressure( दबाव) डालने की कोशिश न करें और शौचालय में ज्यादा देर तह न बैठें।

6- Alcohol और caffeine का सेवन न करें क्योंकि ये dehydration करती है।

सूचना: किसी भी treatment( उपचार) को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लेलें।

ऐनल फिशर( fissure) के इलाज को गेहराई से जानने के लिए पढ़ें- fishar ka ilaj in hindi

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