bawaseer hone par kya kare
Bawaseer

Bawaseer hone par kya kare

bawaseer hone par kya kare ? kese bawaseer ka ilaj hota hai? aur aap bawaseer hone par kya gharelu upchaar apna sakte hain. janiye is lekh men.

बवासीर होने पर क्या करे ? bawaseer hone par kya kare

बवासीर के लक्षण क्या होतें है। 

ज्यादातर मरीजों को बवासीर की समस्या का पता इनमे से किसी तरह चलता है- 

1- मलत्याग के बाद मलद्वार को साफ करते वक़्त किसी गांठ को महसूस करके।

2- सौचालय के कमोड पे खून देख के।

3- मलत्यागते समय प्रोलैपसिंग बवासीर को महसूस करके।

बवासीर के लक्षण इस बात पर भी निर्भर करते है कि आप को किस प्रकार का बवासीर है। और बवासीर दो प्रकार के होते हैं- 

1- External hemorrhoids(बवासीर)

2- Internal hemorrhoids

Externanal hemorrhoids(बवासीर) के लक्षण in hindi

1- मलद्वार में खुजली

2- मलद्वार पे एक या एक से ज्यादा गांठ

3- मलद्वार में दर्द , खासतौर पे बैठते वक़्त।

National institute of diabetes and digestive and kidney diseases के अनुसार के मरीजों में external बवासीर के लक्षण अपने आप ही कुछ दिनों में चले जाते हैं।

Internal hemorrhoids(बवासीर) के लक्षण in hindi

1- मलद्वार से खून आना- लाल या गहरे रंग का मल ये बताता है कि मलाशय में खून बह रहा है।

2- Internal hemorrhoid( बवासीर) मलाशय के अंदर थोड़ी गहराई में पनपता है पर जब वो बड़ा होकर मलद्वार के बाहर आने लगे तो उसे prolapse की स्तिथि कहा जाता है।

Internal hemorrhoids जो prolapse नही होते उनमे दर्द की शिकायत भी नही मिलती परंतु जो prolapse  हो जाते है उनमे आमतौर पर दर्द देखने को मिलता है।

अगर ऐसे कोई भी लक्षण आप में दिख रहे है तो आप को डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए।

लक्षण मिलते ही डॉक्टर से सलाह लेना क्यों जरूरी है?

ये लक्षण खाली बवासीर में ही नही मिलते। कई और ऐसी बीमारियां है जिन में इस प्रकार के लक्षण मिलते है इसलिए आप को कौन सी बीमारी हुई है ये सुनिश्चित करना बहुत ज़रूरी है ताकि उसी हिसाब से उपचार निर्धारित किया जा सके।

इन बीमारियों में शामिल हैं- ऐनल फिशर, fistula, ulcerative colitis, blood coagulation disorder, perianal skin disease, tumor।

डॉक्टर के पास जाने में न तो घबराएं और न शर्मिंदा हों।

कई लोग बवासीर की समस्या ले के डॉक्टर के पास जाने में हिचकिचाते है। परंतु इसमे लज्जित होने की कोई बात नही है, बीमारी की सही पहचान और उपचार के बारे में जानने के लिए डॉक्टर के पास जाना बहुत ज़रूरी है।

जैसा कि मैं पहले बात चुका हूं कि बवासीर जैसे लक्षण कई और गंभीर बीमारियों में आ सकते है। और अगर आप डॉक्टर के पास नही गए और आप के लक्षणों का कारण कोई और गंभीर बीमारी निकली तो ये बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। इस लिए बीमारी की सही पहचान करना ज़रूरी है।

डॉक्टर आप की जांच कैसे करेंगे?

डॉक्टर पहले तो आप से आप के लक्षणों के बारे में पूछेंगे। फिर इन लक्षणों के आधार पर वो अन्य बीमारियों ( जिनके लक्षण बवासीर जैसे होतें है) की संभावना को हटाएंगे।

फिर वे DRE(digital rectal examination) की प्रक्रिया के द्वारा आप  की मलद्वार और मलाशय की जांच करेंगे। DRE में डॉक्टर अपनी एक उंगली द्वारा मरीज़ के मलाशय में गांठ की जांच करता है। 

अगर डॉक्टर को कोई गांठ महसूस होती है तो फिर वो proctoscopy करता है। proctoscopy में डॉक्टर एक यंत्र (proctoscope) को आप के मलाशय में डालता है। proctoscope एक छोटी ट्यूब की तरह होता है जिससे डॉक्टर आप के मलाशय के अंदर गांठ को देख कर यह पता लगाता है कि वह गांठ बवासीर की वजह से है या किसी और रोग की वजह से।

क्या बवासीर अपने आप ठीक हो जाता है

अगर बवासीर की गांठ छोटी है तो बवासीर के लक्षण कुछ दिनों में, अपने आप बिना किसी उपचार के ठीक हो जाते हैं।

पर अगर बवासीर की गांठ बड़ी हो और मलद्वार से बाहर आने लगी हो तो डॉक्टर  से उपचार लेना जरूरी हो जाता है।

बवासीर में आप क्या घरेलु उपाय अपना सकतें हैं ?

bawaseer hone par kya kare
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आप अपनी दिनचर्या में परिवर्तन लाके और कुछ घरेलू उपचारों से  बवासीर की ठीक होने की प्रक्रिया को तेज़ कर सकते है। बवासीर का एक काफी सामान्य कारण मलत्यागते समय अनावश्यक ज़ोर लगाना है। तो अगर हम अपने खाने में फाइबर युक्त भोजन , जैसे -गेहूं , चना, सब्जियां , फल, इत्यादि का सेवन करें तो मल नरम होगा और मलत्यागने में आसानी होगी।

पानी का सेवन ज्यादा करने से भी कब्ज में आराम मिलता है और मलत्यागने में आसानी होती है तो पानी का सेवन भी बढ़ाएं।

बवासीर के लक्षणों में राहत पाने के लिए निम्नलिखित तरीकों का पालन करें।

1- ज्यादा देर तक सौचालय में न बैठें। ज्यादा देर सौचालय में बैठने से आप के मलाशय पर जोर पड़ता है।

2- मल को रोकने की कोशिश न करें, जब भी मलत्यागने की इच्छा हो तो तुरंत सौचालय जाएं।

3- मल को नरम बनाने के लिए आप fibre suppliment या stool softner का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

4- लक्षणों से राहत पाने के लिए आप sitz bath का इस्तेमाल भी कर सकतें हैं।

5- परेशानी को कम करने की लिए आप over the counter दवाओं, जैसे phenylephrine hemorrhoidal gel, का इस्तेमाल भी कर सकतें है।

कब डॉक्टर  के पास जाएं 

45 से 75 वर्ष की आयु के लोगों में बवासीर एक आम बीमारी है। बवासीर के कई लक्षणों , जैसे हल्की खुजली और दर्द , को घरेलू उपचार और Over the counter दवाओं का इस्तेमाल कर के ठीक किया जा सकता है।

परंतु यह जानना भी आवश्यक है कि किन हालातों में डॉक्टर से मिलना जरूरी है। क्योंकि अगर बीमारी कई दिनों से है और ठीक नही हो रही है तो हो सकता है ये और घातक रूप ले के परेशानिया और बढ़ दे।

नीचे दिए गए बिंदुओं को पढ़ें , और अगर इनमे से कोई भी बात आप पर लागू होती है तो अवश्य आप डॉक्टर से संपर्क करें

1- अगर आप के मलाशय से खून आ रहा है।

2- अगर बवासीर की वजह से दर्द हो रहा है।

3- अगर घरेलू उपचार और over the counter दवाओं के इस्तेमाल के बाद भी दिक्कत में कमी नही आ रही।

4- अगर गहरे या लाल रंग का माल आ रहा है।

अगर इनमे से कोई भी बात आप पर लागू होती है तो डॉक्टर के पास जाने में देरी न करें।

आम तौर पर हम जिस डॉक्टर के पास जाते है उन्हें general physician कहा जाता है, अगर उनके इलाज से आप को आराम नही मिल रहा हो तो आप जठरांत्ररोगविशेषज्ञ (gastroenterologist) के पास जाएं। जठरांत्ररोगविशेषज्ञ पेट से जुड़ी समस्याओं के विशेषज्ञ होतें है।

Reference

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