क्या बवासीर अपने आप ठीक हो जाता है
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क्या बवासीर अपने आप ठीक हो जाता है

बवासीर के मरीजों को हमेशा ये चिंता सताती है की उनको सर्जरी करानी पड़ेगी, पर क्या आप जानते है की बावासीर अपने आप भी ठीक हो सकता है बस कुछ घरेलू उपायों का इस्तेमाल करके? तो अगर आप जानना चाहते है की क्या बवासीर अपने आप ठीक हो जाता है? और क्या इलाज के बाद बवासीर दोबारा हो सकता है?  तो इस लेख को पूरा पढ़िए।

क्या बवासीर अपने आप ठीक हो जाता है?

अगर बवासीर की गांठ छोटी है तो वो घरेलू उपचारों द्वारा कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है। 

पर अगर बवासीर की गांठ बड़ी हो और मलद्वार से बाहर आने लगी हो तो डॉक्टर  से उपचार लेना जरूरी हो जाता है।

बवासीर के लक्षणों से राहत पाने के लिए आप क्या उपाय अपना सकतें हैं ?

आप अपनी दिनचर्या में परिवर्तन लाके और कुछ घरेलू उपचारों से  बवासीर की ठीक होने की प्रक्रिया को
तेज कर सकते है। बवासीर का एक काफी सामान्य कारण मलत्यागते समय अनावश्यक ज़ोर लगाना है। तो अगर हम अपने खाने में फाइबर युक्त भोजन , जैसे -गेहूं , चना, सब्जियां , फल, इत्यादि का सेवन करें तो मल नरम होगा और मलत्यागने में आसानी होगी।

पानी का सेवन ज्यादा करने से भी कब्ज में आराम मिलता है और मलत्यागने में आसानी होती है तो पानी का सेवन भी बढ़ाएं।

बवासीर के लक्षणों में राहत पाने के लिए निम्नलिखित तरीकों का पालन करें।

1- ज्यादा देर तक सौचालय में न बैठें। ज्यादा देर सौचालय में बैठने से आप के मलाशय पर जोर पड़ता है।

2- मल को रोकने की कोशिश न करें, जब भी मलत्यागने की इच्छा हो तो तुरंत सौचालय जाएं।

3- मल को नरम बनाने के लिए आप fibre suppliment या stool softner का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

4- लक्षणों से राहत पाने के लिए आप sitz bath का इस्तेमाल भी कर सकतें हैं।

5- परेशानी को कम करने की लिए आप over the counter दवाओं, जैसे phenylephrine hemorrhoidal gel, का इस्तेमाल भी कर सकतें है।

Stiz bath के बारे में और जानने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें- stiz bath kya hai?

बवासीर के जोखिम कारक( risk factors) क्या हैं?

बवासीर का जोखिम कारक हर वो चीज़ हो सकती है जो मलद्वार और मलाशय से रक्त ले जाने वाली नसों पे दबाव बढ़ाएं।  और अगर आप के परिवार में पहले किसी को बवासीर हुआ है तो आप को भी होने की संभावना बढ़ जाती है।

अन्य जोखिम कारक-

1- उम्र – बड़ी उम्र के लोगों में बवासीर का खतरा ज्यादा होता है।

2- गर्भवती महिलाओं में- गर्भवती महिलाओं के पेट मे बच्चा होने के कारण उनके पेट मे दबाव बढ़ जाता है जोकि मलाशय की नसों पे दबाव का कारण बन सकता है।

3- मोटापा

4- ऐनल सेक्स

5- लगातार कब्ज़ या दस्त का बना रहना।

6- सौचालय में ज्यादा देर तक बैठना।

7- फाइबर युक्त भोजन का सेवन कम करना।

8- मल त्याग करते समय अनावश्यक जोर लगाना।

क्या इलाज के बाद बवासीर दोबारा हो सकता है?

आगर एक बार आप को बवासीर हो चुका है और आप ने इलाज करा लिया तो इसका मतलब ये नही की वो हमेशा के लिए ठीक हो गया। इलाज के बाद बवासीर दोबारा भी हो सकता है। 

एक शोध( research) में वैज्ञानिकों ने दो तरह के मरीजों को जांचा। पहले वो मरीज़ जिनमे घरेलू उपचारों की सहायता से बवासीर को ठीक किया गया, और दूसरे वो जिनके बवासीर के इलाज सर्जरी द्वारा किया गया। वैज्ञानिकों ने खोज की ऐसे मरीज़ जिनका इलाज घरेलू उपचारों द्वारा हुआ उनमे से 25% मरीजों में बवासीर दोबारा लौट के आया। वही वो मरीज़ जिनका इलाज सर्जरी द्वारा हुआ उनमें से बस 6.3% मरीजों में बवासीर दोबारा लौट के आया।

बवासीर के बचने के उपाय –

बवासीर से बचने के लिए अपने खान पान में बदलाव लाये और निरंतर एक्सरसाइज करें। एक्सरसाइज से आप का पेट स्वाथ रहेगा और मल त्यागने में भी परेशानी नही होगी। खाने में फाइबर युक्त भोजन का सेवन बढ़ायें और खूब सारा पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें । अगर निरंतर कठोर मल आ रहा हो तो stool softner( मल कोमल करने की दवा) भी ले सकते है। और अगर आप मोटापे से ग्रस्त है तो वजन कम करें। वजन कम करने से आप के मलाशय की नसों पे दबाव काम पड़ेगा जिससे बवासीर होने का खतरा कम होगा।

Reference

Thrombosed external hemorrhoids: outcome after conservative or surgical management.

Hemorrhoids: Treatment, Recovery, and More

National institute of diabetes and digestive and kidney diseases

How to treat haemorrhoids- NCBI

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